what is karma?? law of karma | कर्म क्या है?

 

karma



karma क्या होता है और karma किस हीसाब से कम करता है आइये जानते है इस कहानी से।


एक बार की बात है mahabharata के युद्व के बाद जब व्यास जी और धृतराष्ट्र बैठे हुए थे तब धृतराष्ट्र ने व्यास जी से सवाल किया कि मैने पिछले सो जन्मो तक कोई एक भी पाप नही किया है फिर भी मेरी आंखों के सामने मेरे सो बेटे मारे गए में कुछ भी नही कर पाया इसा क्यो हुआ आप मुजे बताइये क्या यही संसार का नियम है?



तब व्यास जी बोलते है तुम जो कहे रहे हो कि तुमने सो जन्मो तक कोई पाप नही किया वो सच है लेकिन तुम जन्म और मरण के चक्र में तो कब से हो तुम्हे अपने सो बेटो को खोया उसका कारण तुम्हारा किसी एक जन्म का ही परिणाम है जिस जन्म में तुमने गलती की थी तब धृतराष्ट्र बेहत आतुरता से पूछते है कृपया करके आप बताइए मेने क्या ऐसी गलती की थी जिसकी इतनी बड़ी सजा मिली तब व्यास जी बताते है पूरी कहानी।

 




एक जन्म में तुम एक बहोत बड़े पराक्रमी राजा हुए करते थे तुम्हारे राज्य में सब बहोत खुशी से रहते थे।एक बार जब तुम तालाब के पास घूम रहे थे तब एक हंस ओर हंसली वहा आये और तुमसे बिनती की के मेरे सो बेटे है छोटे से हमे जरूरी काम से बाहर जाना है कृपया करके आप इनकी हिफाज़त करे हमारे आने तक टैब तुमने कहा ठीक है जब तक तुम नही आते तब तक मे इनकी हिफाज़त करुगा ओर वो दोनों चले गए ।


फिर तुमने सोच मेरे राज्य में इनको कोई कुछ नही कर सकता ये यही तालाब में रहेंगे तो खाना पीना सब यहा मिल जाएगा इस सोच कर तुम वहासे चले गए। तुमने महल में जाके बावर्ची को कुछ अच्छा खाना बनाने के लिए कहा तो वो बावर्ची मछ्ली पकड़ने के लिए तालाब पे गया तो देखा कि वह तो बहोत सारे हंस के बच्चें है तो उनको पकड़के लगाया और पाक कर तुमको परोसा ओर तुम सब कहा गए और सब खाने के बाद तुमने बावर्ची को इनाम भी दिया तुमने एक बार भी के नही पूछा कि ये क्या बनाया है और सिर्फ तुम अपने स्वाद के लिए अपना कर्तव्य भी भूल गए तुम एक राजा थे तुम्हे सभी तरफ से सोचना होता है लेकिन तुमने ये  नही किया।


 फिर जब हंस का जोड़ा वह आया और देखा कि बच्चे तो नही दिख रहे तो वो तुम्हारे पास गए और पूछा तब तुम्हे याद आया कि वो तो तालाब में है पर वो वहा नही थे फिर सब छान बिन के बाद मालूम पड़ा कि जो पकवान तुमने खाया था वही वो हंस के बच्चों से बनाया गया था के सब सुन कर वो हंस के जोड़े ने तुम्हे श्राप दिया कि किसी जन्म में तुम्हारे भी सो बेटो की तुम्हारे आखो के सामने मौत हो जाएगी।इस कारण तुम्हारा इस जन्म में ए सब भोगना हुआ ।



तो इस कहानी का तात्पर्य यही है कि किये हुए कर्मा कही नही जाते आज नही तो कल इसका फल भोगना ही पड़ता है इसीलिए दोस्तो काम इस करो कि आगे जाकर पछताना न पड़े और हमेशा अच्छे कर्म करो और खुश रहो।

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